RTET को लेकर उलझन में बोर्ड, पहुंचा एनसीटीई की शरण में

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राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की शरण में जाना पड़ा है। बोर्ड के सामने एकाध शिक्षण संस्थाओं ने सवाल खड़े किए हैं उनकी विशेष डिग्री करने वाले अभ्यर्थी दोनों ही लेवल की परीक्षा में बैठने के लिए पात्र हैं। जबकि बोर्ड ने बीएड धारियों को केवल लेवल टू की अध्यापक पात्रता परीक्षा में ही बैठाने का निर्णय किया है।

बोर्ड की ओर से इन दिनों आरटेट 2012 के लिए ऑन लाइन आवेदन लिए जा रहे हैं। बोर्ड ने आरटेट के दिशा-निर्देशों में स्पष्ट किया है कि लेवल वन अर्थात कक्षा 1 से 5 तक के शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए बीएड धारी अभ्यर्थी पात्र नहीं होंगे। वे केवल लेवल टू की पात्रता परीक्षा के लिए आवेदन करेंगे।

अब तक इसी आधार पर ऑन लाइन आवेदन किए जा रहे हैं। लेकिन पिछले दिनों बोर्ड के समक्ष उदयपुर की जनार्दन राय नागर यूनिवर्सिटी के डबोक स्थित लोकमान्य तिलक शिक्षण प्रशिक्षण महाविद्यालय की ओर से पत्र प्राप्त हुआ। इस संस्थान के प्रबंधन का दावा है कि उनके यहां कराई जाने वाली शिक्षक प्रशिक्षण डिग्री विशेष श्रेणी में आती है। बीएड के समकक्ष इस डिग्री के आधार पर उनके यहां के अभ्यर्थी लेवल वन व लेवल टू दोनों ही पात्रता परीक्षाओं में प्रविष्ट होने की योग्यता रखते हैं।

बोर्ड के पास इसका समाधान नहीं :

इस गुत्थी को सुलझाने के लिए बोर्ड के पास कोई समाधान नहीं है। इसे देखते हुए बोर्ड प्रबंधन ने उचित समझा कि मामले में एनसीटीई से ही सीधे मार्गदर्शन मांगा जाए।

कोर्ट का आदेश भी मानना है :

इधर, बोर्ड प्रबंधन के समक्ष कोर्ट का आदेश भी है। बोर्ड सूत्रों के मुताबिक कोर्ट ने लेवल वन पात्रता परीक्षा के लिए बीएडधारियों को प्रविष्ट नहीं करने के आदेश दिए हैं। बीएड धारी अभ्यर्थी लेवल टू शिक्षक पात्रता परीक्षा में प्रविष्ट होने के लिए पात्र हैं। इसी आधार पर ऑन लाइन आवेदन भी भरवाए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि बोर्ड ने आरटेट 2011 में बीएड धारियों को लेवल वन व लेवल टू दोनों ही पात्रता परीक्षाओं में बैठाया था।

मांगा है मार्गदर्शन:

‘बोर्ड के पास डबोक की एक शिक्षण संस्था का मामला सामने आया है। शिक्षण संस्था प्रबंधन विशेष कोर्स बता रही है। इसे देखते हुए ही एनसीटीई से मार्गदर्शन मांगा गया है। वहां से दिशा-निर्देश के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।’

मिरजूराम शर्मा सचिव राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड व समन्वयक आरटेट

बीएड बाल विकास डिग्री दी जाती है:

बोर्ड सूत्रों के मुताबिक इस महाविद्यालय की ओर से बीएड बाल विकास की डिग्री प्रदान की जाती है। मात्र 250 दिन के इस कोर्स में दो सेमेस्टर होते हैं। पहले सेमेस्टर में एलीमेंट्री लेवल का प्रशिक्षण और दूसरे सेमेस्टर में सेकंडरी स्तर का प्रशिक्षण दिया जाता है। पंचायत राज विभाग ने इस डिग्री को मान्य किया हुआ बताया जाता है।

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